जौनपुर बना नंबर-1: राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में लहराया परचम


जौनपुर। प्रशासनिक दक्षता और तेज़ कार्यशैली का एक और शानदार उदाहरण पेश करते हुए जौनपुर ने पूरे प्रदेश में इतिहास रच दिया है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की फरवरी माह की रिपोर्ट में जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है।
प्रदेश स्तर पर राजधानी लखनऊ ने सर्वोच्च निस्तारण का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन जनपद श्रेणी में जौनपुर ने सभी जिलों को पीछे छोड़ते हुए बाजी मार ली। यह उपलब्धि प्रशासन की सक्रियता, सख्त मॉनिटरिंग और टीमवर्क का परिणाम मानी जा रही है।
🚀 542 मामलों का निस्तारण — 216.80% की ऐतिहासिक उपलब्धि
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद (बोर्ड ऑफ रेवन्यू) की रिपोर्ट के अनुसार, जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने निर्धारित 250 मामलों के मासिक मानक के मुकाबले 542 मामलों का निस्तारण कर डाला।
यह उपलब्धि 216.80 प्रतिशत है — जो प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
🏆 जिलाधिकारी न्यायालय ने भी रचा कीर्तिमान
जिलाधिकारी न्यायालय ने भी अद्भुत कार्यक्षमता दिखाते हुए निर्धारित 30 मामलों के सापेक्ष 86 मामलों का निस्तारण किया, जो 286.67 प्रतिशत उपलब्धि है — और इस श्रेणी में भी जौनपुर प्रदेश में अव्वल रहा।
इस सूची में भदोही दूसरे और बिजनौर तीसरे स्थान पर रहे।
अन्य जिलों की स्थिति
जनपद स्तरीय न्यायालयों में 300 मामलों के मानक के सापेक्ष 381 मामलों का निस्तारण कर बस्ती दूसरे स्थान पर तथा 353 मामलों का निस्तारण कर प्रतापगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।
15 माह से लगातार टॉप फाइव में
यह कोई संयोग नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत का परिणाम है। जौनपुर पिछले 15 महीनों से लगातार टॉप फाइव जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली की व्यापक सराहना हो रही है।
जौनपुर ने एक बार फिर साबित कर दिया है —
संकल्प मजबूत हो तो सफलता निश्चित है!

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