डोभी ब्लॉक अंतर्गत प्रधान पर करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा का लगा आरोप,
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चन्दवक, डोभी व्लाक के हरिहर पुर ग्राम सभा के प्रधान पर बिना कार्य कराये करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की याचिका, जिला अधिकारी को 90 दिन में जांच कर आख्या देने का आदेश,
प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं के विकास के लिए दिए गए पैसों का ग्राम प्रधान खुलकर कर रहे गमन और हो रहें मालामाल, ऐसा ही एक मामला डोभी ब्लॉक के हरिहरपुर ग्राम सभा में देखने को मिला, चाहे खड़ंजा का निर्माण हो या तालाब का सुंदरीकरण यहां तक की मनरेगा के मजदूर भी फर्जी दिखाकर भुगतान लिया गया है, ग्राम सभा निवासी, सुरेंद्र यादव, राजेंद्र सोनकर, रविंद्र कन्नौजिया आदि ने अपने ग्राम प्रधान नीतू यादव पत्नी राजेश यादव पर खड़ंजा से लेकर मनरेगा तक सोलह आरोप लगाते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, हाई कोर्ट ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जौनपुर को जांच कर 90 दिन के अंदर जांच आख्या प्रेषित करने का निर्देश जारी किया है, जैसे ही निर्देश जिला अधिकारी जौनपुर को मिला डोभी ब्लॉक में अपरा तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है वहीं सुरेंद्र यादव ने यह आरोप लगाया, कि जब से जिला अधिकारी को जांच का निर्देश मिला है तब से ही हमारे ऊपर ग्राम प्रधान व उनके सहयोगियों द्वारा अभद्र भाषा व दबाव की राजनीति की जा रही है,
वही गांव निवासियों का कहना है की कई बार इसकी शिकायत ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक की गई परंतु कोई भी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होने पर मजबूरन इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ा, अब प्रश्न उठता है जहां योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने में लगी है वहीं इनके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा इतने बड़े गमन की जानकारी होने के बावजूद उजागर न करना कहीं ना कहीं इनकी संलिपिटता उजागर करती है जिसके कारण ग्राम वासी काफी आक़ोषित हैं, वहीं कुछ लोगों ने तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल कर दी है, इसे देखकर तो सरकार पर यही कहा जा सकता है की हाथी के दांत खाने की और दिखाने को और होते है,
चन्दवक, डोभी व्लाक के हरिहर पुर ग्राम सभा के प्रधान पर बिना कार्य कराये करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर की याचिका, जिला अधिकारी को 90 दिन में जांच कर आख्या देने का आदेश,
प्रशासन द्वारा ग्राम सभाओं के विकास के लिए दिए गए पैसों का ग्राम प्रधान खुलकर कर रहे गमन और हो रहें मालामाल, ऐसा ही एक मामला डोभी ब्लॉक के हरिहरपुर ग्राम सभा में देखने को मिला, चाहे खड़ंजा का निर्माण हो या तालाब का सुंदरीकरण यहां तक की मनरेगा के मजदूर भी फर्जी दिखाकर भुगतान लिया गया है, ग्राम सभा निवासी, सुरेंद्र यादव, राजेंद्र सोनकर, रविंद्र कन्नौजिया आदि ने अपने ग्राम प्रधान नीतू यादव पत्नी राजेश यादव पर खड़ंजा से लेकर मनरेगा तक सोलह आरोप लगाते हुए, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, हाई कोर्ट ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी जौनपुर को जांच कर 90 दिन के अंदर जांच आख्या प्रेषित करने का निर्देश जारी किया है, जैसे ही निर्देश जिला अधिकारी जौनपुर को मिला डोभी ब्लॉक में अपरा तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है वहीं सुरेंद्र यादव ने यह आरोप लगाया, कि जब से जिला अधिकारी को जांच का निर्देश मिला है तब से ही हमारे ऊपर ग्राम प्रधान व उनके सहयोगियों द्वारा अभद्र भाषा व दबाव की राजनीति की जा रही है,
वही गांव निवासियों का कहना है की कई बार इसकी शिकायत ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक की गई परंतु कोई भी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होने पर मजबूरन इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ा, अब प्रश्न उठता है जहां योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने में लगी है वहीं इनके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा इतने बड़े गमन की जानकारी होने के बावजूद उजागर न करना कहीं ना कहीं इनकी संलिपिटता उजागर करती है जिसके कारण ग्राम वासी काफी आक़ोषित हैं, वहीं कुछ लोगों ने तो इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल कर दी है, इसे देखकर तो सरकार पर यही कहा जा सकता है की हाथी के दांत खाने की और दिखाने को और होते है,