मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने पर हाईकोर्ट सख्त, संभल के डीएम-एसपी को लगाई फटकार

संभल/प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के प्रशासनिक आदेश पर सख्त रुख अपनाते हुए संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अधिकारी कानून-व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
याचिकाकर्ता मुनाजिर खान के अनुसार, पिछले वर्ष फरवरी में संभल के हयातनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने निर्देश दिया था कि मस्जिद में एक समय में केवल 5 से 6 लोग ही नमाज अदा करें और कुल 20 लोगों की सीमा रखी जाए। इस आदेश के खिलाफ 18 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि हर समुदाय को अपने निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति मिले। यदि पूजा किसी निजी संपत्ति पर हो रही है तो इसके लिए राज्य की अनुमति आवश्यक नहीं होती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य का हस्तक्षेप केवल तब आवश्यक है जब धार्मिक आयोजन सार्वजनिक स्थान पर हो।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि रमजान के दौरान बड़ी संख्या में लोग मस्जिद में नमाज अदा करने आते हैं और प्रशासन के आदेश से धार्मिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है।
वहीं, सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित की गई है।