एचडीएफसी बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर की सड़क हादसे में मौत, कोर्ट ने 80.66 लाख मुआवजा देने का दिया आदेश

जौनपुर। मुंबई से गुजरात जाते समय सड़क दुर्घटना में एचडीएफसी बैंक की डिप्टी ब्रांच मैनेजर सायमा शकील की मौत के मामले में ट्रिब्यूनल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मृतका के परिजनों को 80.66 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
ट्रिब्यूनल जज मनोज कुमार अग्रवाल ने अपने फैसले में दुर्घटना के लिए ट्रक चालक की लापरवाही 65 प्रतिशत और कार चालक की लापरवाही 35 प्रतिशत मानी। आदेश के अनुसार कुल क्षतिपूर्ति में से 52.46 लाख रुपये ट्रक की बीमा कंपनी New India Assurance Company� मृतका के माता-पिता को अदा करेगी।
मामले के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के मधारे टोला निवासी शकील अहमद की पुत्री सायमा शकील सात वर्ष पूर्व अपने चालक सय्यम के साथ मुंबई से अहमदाबाद जा रही थीं। गुजरात के नवसारी नेशनल हाईवे के पास ट्रक और कार की टक्कर में दोनों की मौत हो गई थी।
दुर्घटना के बाद ट्रक चालक ने कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कार चालक गलत दिशा में आ गया था। वहीं मृतका के पिता की ओर से दाखिल क्षतिपूर्ति वाद में कहा गया कि सड़क खराब होने के कारण कार डिवाइडर कट से दूसरी लेन में जा रही थी, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।
सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ट्रक चालक को अधिक लापरवाह माना। कोर्ट ने माना कि हादसे में ट्रक चालक की बड़ी भूमिका थी, जिसके चलते बीमा कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया गया।
बताया गया कि सायमा शकील मुंबई में HDFC Bank में डिप्टी ब्रांच मैनेजर पद पर कार्यरत थीं और अविवाहित