आसाराम को आंशिक राहत, उम्रकैद की सजा बरकरार

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से बुधवार को आंशिक राहत मिली है। दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को हाई कोर्ट ने गैंगरेप और पॉक्सो कानून के तहत सामूहिक यौन उत्पीड़न के आरोपों से बरी कर दिया है। हालांकि, नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राजस्थान हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376(D) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(G)/6 के तहत लगाए गए गैंगरेप और सामूहिक यौन उत्पीड़न के आरोपों से आसाराम को दोषमुक्त कर दिया। इसके साथ ही, आपराधिक साजिश से जुड़ी IPC की धारा 120(B) के आरोप से भी उन्हें बरी कर दिया गया।
हालांकि, नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। ऐसे में आसाराम को जेल की सजा जारी रहेगी।
फिलहाल, आसाराम अस्थायी जमानत पर बाहर हैं। इससे पहले सोमवार को उनकी अंतरिम जमानत को सात दिन के लिए बढ़ाया गया था।