भारत का अनोखा गांव: करोड़पति भी रहते हैं कच्चे घरों में, पक्का मकान बनाना है मना


नई दिल्ली/कच्छ। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आधुनिक दौर में भी भारत
में एक ऐसा गांव है जहां एक भी पक्का मकान नहीं है? और हैरानी की बात यह है कि यहां रहने वाले लोग गरीब नहीं, बल्कि कई करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं—फिर भी कच्चे घरों में रहते हैं।
यह अनोखा गांव गुजरात के कच्छ जिले में स्थित “होडका” (Hodka) गांव माना जाता है। यहां के लोग आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद पारंपरिक “भुंगा” (मिट्टी और लकड़ी से बने गोल घर) में ही रहते हैं।
इस परंपरा के पीछे गहरी मान्यता और अनुभव जुड़ा है। दरअसल, कच्छ भूकंप प्रभावित क्षेत्र रहा है, जहां पक्के मकान भूकंप में ज्यादा नुकसान झेलते हैं, जबकि भुंगा शैली के कच्चे घर मजबूत और लचीले होते हैं। 2001 के भूकंप में भी इन पारंपरिक घरों ने अपनी मजबूती साबित की थी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पक्के मकान न केवल पर्यावरण के अनुकूल नहीं होते, बल्कि पारंपरिक संस्कृति को भी खत्म कर देते हैं। इसलिए यहां आज भी लोग अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हुए कच्चे घरों में ही रहना पसंद करते हैं।
यह गांव अब पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां देश-विदेश से लोग इस अनोखी जीवनशैली को देखने आते हैं।

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