ग्रामीण युवाओं के सपनों को नई उड़ान, 11,350 ग्राम पंचायतों में बन रहीं हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियां

लखनऊ, 30 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सशक्त बनाने के लिए बड़ी पहल कर रही है। प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना की जा रही है, जिससे गांव के युवाओं को शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें।
पंचायती राज विभाग के अनुसार, योजना के पहले चरण में 37 जिलों में पुस्तकों और फर्नीचर की आपूर्ति का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब तक 10,976 ग्राम पंचायतों में पुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जबकि 9,909 ग्राम पंचायतों में आधुनिक फर्नीचर स्थापित किया जा चुका है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर लगभग 4 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इन डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों के लिए 20 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और इंटरैक्टिव क्विज शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर और व्यवस्थित तैयारी का अवसर मिल रहा है।
योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मथुरा जिले की अडिंग ग्राम पंचायत स्थित डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन करने वाले टिटू शर्मा और मनीष यादव का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (SI) पद पर हुआ है। दोनों युवाओं को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वहीं, पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरियां ग्रामीण युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रही हैं।