बिना नोटिस राशन कार्ड निरस्त करना अवैध: हाईकोर्ट का अहम फैसला

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राशन कार्ड धारकों के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व सूचना दिए किसी भी व्यक्ति का राशन कार्ड निरस्त करना अवैध है। अदालत ने कहा कि ऐसी कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने शामली निवासी कलम सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनका पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बिना किसी नोटिस के निरस्त कर दिया गया, जिससे परिवार को खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ा।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि राशन कार्ड निरस्त करने से पूर्व संबंधित व्यक्ति को नोटिस देना और अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर प्रदान करना अनिवार्य है। बिना इस प्रक्रिया का पालन किए की गई कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी।
अदालत ने इस आधार पर राशन कार्ड निरस्तीकरण के आदेश को रद्द करते हुए याची का पात्र गृहस्थी राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से बहाल करने तथा उसका नवीनीकरण जारी रखने का निर्देश दिया है।