बांकीपुर में 30 साल बाद बदला सियासी इतिहास, प्रशांत किशोर ने ढहाया बीजेपी का गढ़

पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के लंबे समय से कायम वर्चस्व को समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ ही करीब तीन दशक से कायम बीजेपी का मजबूत किला ढह गया है। हालांकि आधिकारिक घोषणा शेष है, लेकिन मतगणना के रुझानों में प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए रहे।
सूत्रों के अनुसार, 31 राउंड की मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार एक भी राउंड में बढ़त हासिल नहीं कर सके। प्रशांत किशोर ने करीब 19 हजार से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। नितिन नवीन इस सीट से लगातार पांच बार विधायक रह चुके थे और बांकीपुर को बीजेपी का अभेद्य गढ़ माना जाता था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उपचुनाव में युवाओं की भूमिका निर्णायक रही। नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं में असंतोष था। प्रशांत किशोर ने अपने चुनाव अभियान में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिससे उन्हें युवा मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिला।
बांकीपुर उपचुनाव का यह परिणाम बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। इस जीत से जन सुराज को जहां बड़ा राजनीतिक संबल मिला है, वहीं बीजेपी के लिए इसे एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह नतीजा राज्य की सियासत को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।