मऊ में फर्जी दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की साजिश का पर्दाफाश, पुलिस कांस्टेबल समेत चार गिरफ्तार पुराने दुष्कर्म के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगवाने के लिए रची गई कथित साजिश, नाबालिग पीड़िता के पिता को फंसाने की कोशिश का पुलिस ने किया खुलासा

मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में दुष्कर्म के एक मामले को लेकर पुलिस ने कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस विभाग के एक कांस्टेबल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कांस्टेबल की पहचान विशाल भारती के रूप में हुई है। पुलिस जांच में आरोप है कि उसने अपने पुराने दुष्कर्म के मुकदमे में राहत पाने और मामले में फाइनल रिपोर्ट (FR) लगवाने के उद्देश्य से अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक बुजुर्ग व्यक्ति को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई थी।
नाबालिग की शिकायत पर दर्ज हुआ था कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मऊ में तैनात कांस्टेबल विशाल भारती के खिलाफ वर्ष 2023 में एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद उसने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे में राहत पाने के लिए कथित तौर पर नई साजिश रची।
बुजुर्ग को फंसाने के लिए दर्ज कराया गया दूसरा मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को सकीना खातून नामक महिला ने मोहम्मद इमरान अहमद के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
मामले की जानकारी मिलने पर पीड़ित बताए जा रहे मोहम्मद इमरान अहमद ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर अपनी बेगुनाही की बात रखी और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
कॉल डिटेल और बैंक खातों की जांच में सामने आई कथित साजिश
पुलिस अधीक्षक सर्वेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में मामले की जांच की गई। जांच के दौरान संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल (CDR), बैंक खातों में हुए लेनदेन और अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
पुलिस का दावा है कि जांच में कांस्टेबल विशाल भारती और शिकायतकर्ता महिला सकीना खातून के बीच संपर्क के साक्ष्य मिले। इसके अलावा निसार और उसकी पत्नी जोया की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने मिलकर कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि इस कथित साजिश का मकसद नाबालिग पीड़िता के पिता को दूसरे मुकदमे में उलझाकर दबाव बनाना और कांस्टेबल विशाल भारती के खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमे को प्रभावित करना था।
चार आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
मामले में साक्ष्य जुटाने के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने 31 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 5:30 बजे सोनीधापा मैदान के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में पुलिस कांस्टेबल विशाल भारती, सकीना खातून, निसार उर्फ नेसार अहमद और जोया उर्फ गुल निहार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, विशाल भारती की वर्तमान तैनाती पुलिस लाइन मऊ में थी। अन्य आरोपी मऊ, बलिया और गाजीपुर जनपद के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बुजुर्ग को राहत दिलाने के लिए न्यायालय में दी गई अर्जी
पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद इमरान अहमद के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उनका नाम हटाने के लिए न्यायालय में साक्ष्यों सहित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है।
वहीं, कांस्टेबल विशाल भारती के खिलाफ वर्ष 2023 में नाबालिग लड़की की शिकायत पर दर्ज मूल दुष्कर्म का मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
मामले का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए मऊ पुलिस अधीक्षक ने टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस विभाग में भी चर्चा तेज कर दी है। एक पुलिसकर्मी पर खुद को पुराने मुकदमे से बचाने के लिए कथित रूप से फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगना गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष चलेगी।
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