आगरा पुलिस कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर सख्त हुए पुलिस आयुक्त, एसीपी और थाना प्रभारियों को लगाई फटकार
Agra पुलिस कमिश्नरेट में भ्रष्टाचार, मोलभाव और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर पुलिस आयुक्त Deepak Kumar ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। गुरुवार को आयोजित ऑनलाइन बैठक में पुलिस आयुक्त ने दो एसीपी को छोड़कर बाकी अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों का जिक्र करते हुए साफ चेतावनी दी कि आदत नहीं सुधरी तो कार्रवाई तय है।
बैठक में पुलिस आयुक्त ने कहा कि कई एसीपी और विवेचक स्तर के अधिकारियों पर मोलभाव और लेनदेन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विजिलेंस ने किसी अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ लिया तो सीधे मुकदमा दर्ज होगा और नौकरी पर भी संकट आ सकता है।
उन्होंने कहा कि विवेचनाओं को “तोला” जा रहा है और कुछ अधिकारी विवेचकों पर दबाव बनाकर मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। किसी के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसकी फाइल खोली जाएगी, जांच होगी और प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी जा सकती है।
आईजीआरएस शिकायतों पर भी नाराजगी
बैठक में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण को लेकर थाना प्रभारियों को भी कड़ी फटकार मिली। पुलिस आयुक्त ने कहा कि कई थानों में अपराध कम होने के बावजूद ऑनलाइन शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, जो पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि जांच अधिकारी हर हाल में मौके पर जाएं और वास्तविक स्थिति की जांच करें। केवल थाने या चौकी में बैठकर रिपोर्ट लगाने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि जिन मामलों का समाधान पुलिस स्तर पर संभव नहीं है या जो न्यायालय में लंबित हैं, उनकी रिपोर्ट स्पष्ट रूप से दर्ज की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से सुना जाए।
एसीपी को सुबह समीक्षा के निर्देश
बैठक में एसीपी स्तर के अधिकारियों से पूछा गया कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा क्यों नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में शिकायतों का निस्तारण कर खानापूर्ति करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पुलिस आयुक्त ने साफ कहा कि यदि किसी भी अधिकारी के खिलाफ दोबारा शिकायत मिली तो सीधे कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारी को थाने या पद पर बनाए रखना मुश्किल होगा।