ये सिर्फ एक फटी हुई शर्ट नहीं, बल्कि संघर्ष, अपमान और इंतज़ार की कहानी है…
2019 के लोकसभा चुनाव में ये सज्जन भाजपा के बूथ पर तैनात थे। आरोप है कि उस दौरान All India Trinamool Congress समर्थकों ने इन्हें सड़क पर बुरी तरह पीटा था और इनके कपड़े तक फाड़ दिए थे।
लेकिन दादा ने उस फटी हुई शर्ट को फेंका नहीं…
उसे संभालकर रखा।
एक विश्वास के साथ…
कि जिस दिन Bharatiya Janata Party बंगाल में जीतेगी, उसी फटी हुई शर्ट को पहनकर जश्न मनाएंगे।
और आखिरकार, जब परसों भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो दादा उसी फटी हुई शर्ट को पहनकर विजय उत्सव में शामिल हुए।
राजनीति में जीत-हार आती जाती रहती है, लेकिन कार्यकर्ताओं का समर्पण और संघर्ष ही किसी भी पार्टी की असली ताकत होता है।