ईंधन के बाद अब बिजली बिल बढ़ने की आशंका, आम जनता पर बढ़ सकता है महंगाई का बोझ
सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब आम लोगों को बिजली बिल के मोर्चे पर भी झटका लग सकता है। बिजली उत्पादन लागत और ईंधन खर्च बढ़ने के चलते कई राज्यों में विद्युत दरों की समीक्षा की तैयारी चल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला, गैस और ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ने का सीधा असर बिजली कंपनियों पर पड़ रहा है। ऐसे में बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) अतिरिक्त लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं।
हालांकि, अभी तक अधिकांश राज्यों की ओर से नई दरों का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में फ्यूल सरचार्ज या बिजली दरों में संशोधन संभव माना जा रहा है।
ईंधन और बिजली दोनों की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।