जौनपुर: एक लाख के इनामी भोले राजभर को हाईकोर्ट से 60 दिन की राहत, एफआईआर रद्द करने की मांग खारिज

जौनपुर। आजाद बिंद उर्फ दूल्हा हत्याकांड में नामजद एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिली है। अदालत ने उसकी गिरफ्तारी पर 60 दिनों के लिए रोक लगाते हुए उसे इस अवधि के भीतर संबंधित निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग को खारिज कर दिया। भोले राजभर ने अदालत में याचिका दाखिल कर 2 मई को खेतासराय थाने में दर्ज मुकदमे को रद्द करने तथा गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में उसने स्वयं को निर्दोष बताते हुए मामले में झूठा फंसाए जाने का दावा किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सारण की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला एफआईआर निरस्त किए जाने योग्य नहीं प्रतीत होता है, इसलिए एफआईआर रद्द करने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता।
खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए कहा कि वह 60 दिनों के भीतर निचली अदालत में आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकता है। इस अवधि तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
गौरतलब है कि यह मामला खेतासराय थाना क्षेत्र में दर्ज चर्चित आजाद बिंद उर्फ दूल्हा हत्याकांड से जुड़ा हुआ है, जिसमें भोले राजभर को आरोपी बनाया गया है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है।