लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 119 अभियुक्त गिरफ्तार
लखनऊ: कमिश्नरेट लखनऊ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। विभूतिखण्ड स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर कुल 119 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में साइबर अपराध में प्रयुक्त 103 लैपटॉप, 177 कॉलिंग मोबाइल फोन, अन्य डिजिटल उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के लोगों को प्रतिष्ठित कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के नाम पर झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।
इस फर्जी कॉल सेंटर के ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार सहित कई प्रमुख सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल कुमार यादव के मार्गदर्शन में की गई। अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव (IPS) के नेतृत्व में साइबर क्राइम सेल एवं थाना साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने 01 जुलाई 2026 को इस संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह तकनीकी संसाधनों और इंटरनेट कॉलिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लंबे समय से सक्रिय था। फिलहाल गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कमिश्नरेट लखनऊ पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस तरह के संगठित अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।