कलेक्ट्रेट में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस, जिलाधिकारी ने सुनीं जनसमस्याएं




जौनपुर, 06 जुलाई 2026:
आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस के दौरान ग्राम मई निवासी शिवशंकर गोसाई ने तालाब एवं चकमार्ग की भूमि पर अवैध कब्जा हटवाने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित कानूनगो एवं लेखपाल को प्रकरण की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। वहीं जमैथा निवासी छोटेलाल द्वारा चक सीमांकन से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाने पर एसीओ चकबंदी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि समाधान दिवस में अधिकांश शिकायतें जमीनी विवादों से संबंधित होती हैं, इसलिए ऐसे मामलों का निस्तारण निचले स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिस एवं राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण समाधान कराने के निर्देश दिए। साथ ही चकमार्गों पर अवैध कब्जा हटाने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में वृहद पौधरोपण अभियान की तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पौधों का उठान, भूमि चिन्हांकन और गड्ढा खुदाई का कार्य समय से पूरा करने के साथ ही पौधरोपण के दिन ही जियो-टैगिंग सुनिश्चित कराने को कहा।
मानसून को ध्यान में रखते हुए जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय परिसरों में जलभराव न होने देने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। इसके अलावा संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी जोर दिया गया। गो-संरक्षण केंद्रों में भूसा, चोकर एवं हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षा ऋतु में सर्पदंश की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही शौचालयों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने और सामुदायिक शौचालयों को पूर्ण रूप से क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए। आकाशीय बिजली से होने वाली घटनाओं में प्रभावित व्यक्तियों को 24 घंटे के भीतर राहत उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोपरि रखने और अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा जताई।