काले कपड़ों में संसद पहुँचा विपक्ष, Imran Pratapgarhi के तीखे बयान से गरमाई सियासत
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। Rahul Gandhi समेत कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर पहुँचे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान संसद परिसर में जमकर नारेबाजी हुई, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया।
विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों से बचने की कोशिश कर रही है। सांसदों ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, जिस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्यसभा सांसद Imran Pratapgarhi सबसे मुखर नेताओं में नजर आए। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए दमनकारी कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि लोकतंत्र में उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
इमरान प्रतापगढ़ी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
संसद के भीतर और बाहर जारी इस टकराव ने मानसून सत्र को और अधिक राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी रहने के संकेत हैं, जिससे संसद की कार्यवाही पर भी असर पड़ सकता है।