अयोध्या राम मंदिर में संत समिति सक्रिय, वैदिक परंपराओं की करेगी निगरानी
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा गठित संत समिति आज से सक्रिय हो गई है। यह समिति मंदिर में धार्मिक व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन तथा वैदिक परंपराओं के शुद्ध पालन की निगरानी करेगी। ट्रस्ट की इस पहल को मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा और परंपरागत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समिति को मंदिर की दैनिक पूजा-पद्धति से लेकर वार्षिक पर्वों के आयोजन तक व्यापक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके तहत नित्य पूजा और सभी धार्मिक अनुष्ठानों को वैदिक रामानंदी परंपरा के अनुरूप संचालित करना सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा रामनवमी, विवाह पंचमी और सीता नवमी जैसे प्रमुख पर्वों की तिथियों का अंतिम निर्धारण भी समिति करेगी और उनके आयोजन की देखरेख करेगी। विशेष वैदिक अनुष्ठान, यज्ञ, रामार्चा तथा वेद पारायण जैसे धार्मिक कार्यक्रमों की योजना बनाकर उन्हें विधिवत संपन्न कराने की जिम्मेदारी भी इसी समिति पर होगी।
समिति अर्चकों (पुजारियों) के प्रशिक्षण, नियुक्ति, आचरण और ड्रेस कोड की निगरानी करेगी, साथ ही एक स्थायी अर्चक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की दिशा में भी कार्य करेगी।
इसके अतिरिक्त अयोध्या के विभिन्न मठों, मंदिरों, संत समाज और गुरुकुलों के साथ नियमित संवाद एवं समन्वय स्थापित कर धार्मिक एकरूपता और परंपरागत अनुशासन को बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
ट्रस्ट के इस निर्णय से मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं में और अधिक पारदर्शिता, अनुशासन और परंपरा का समावेश होने की उम्मीद जताई जा रही है।