इंदौर में बुजुर्ग मां की अंतिम विदाई में बेटे रहे नदारद, समाजसेवी संस्था ने निभाया बेटे का फर्ज

इंदौर। जिस मां ने अपनी पूरी जिंदगी चार बेटों की परवरिश में लगा दी, जीवन के अंतिम पड़ाव पर वही मां अपनों की बेरुखी का शिकार हो गई। मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आए मामले में लता बाई के निधन के बाद उनके चारों बेटे कथित तौर पर शव लेने तक नहीं पहुंचे। आखिरकार एक समाजसेवी संस्था के सदस्यों ने आगे आकर उनका अंतिम संस्कार कराया।
जानकारी के मुताबिक, लता बाई सिलिकॉन सिटी स्थित गणेश रेसिडेंसी में रहती थीं। बताया गया है कि उन्होंने जीवनभर की जमा पूंजी और अपने जेवर बेचकर एक आशियाना खरीदा था। आरोप है कि बाद में उनके एक बेटे ने वह फ्लैट अपने नाम करा लिया और बुजुर्ग मां को घर से बाहर कर दिया।
बताया गया कि जिंदगी के अंतिम करीब आठ महीनों में एक समाजसेवी संस्था ने लता बाई को सहारा दिया। संस्था के सेवादार उनकी देखभाल करते रहे। निधन के बाद जब परिवार की ओर से कोई अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आया तो संस्था के सदस्यों ने ही उनकी अंतिम यात्रा की जिम्मेदारी उठाई।
समाजसेवी संस्था के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान से लता बाई का अंतिम संस्कार किया और उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। घटना ने बुजुर्गों की देखभाल और बदलते पारिवारिक रिश्तों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।