ईरानी तेल लेकर भारत आ रहा टैंकर रास्ते में मुड़ा, अब चीन की ओर बढ़ा


🟩 भुगतान शर्तों और प्रतिबंधों के बीच बदला रुख, भारत को मिलने वाली खेप पर सवाल
नई दिल्ली। अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आने वाला ईरानी कच्चे तेल से भरा एक टैंकर, जो भारत आने वाला था, उसने बीच रास्ते में अपना रुख बदल लिया है और अब चीन की ओर बढ़ रहा है।
जहाज ट्रैकिंग कंपनी Kpler के मुताबिक ‘पिंग शुन’ नाम का अफ्रामैक्स टैंकर पहले गुजरात के वाडिनार की ओर बढ़ रहा था, लेकिन अब उसने अपना गंतव्य बदलकर चीन के दोंगयिंग को दिखाना शुरू कर दिया है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव भुगतान शर्तों से जुड़ा हो सकता है। पहले जहां 30-60 दिन का क्रेडिट मिलता था, अब विक्रेता तुरंत या कम समय में भुगतान की मांग कर रहे हैं।
अगर यह खेप भारत पहुंचती, तो 2019 के बाद पहली बार भारत ईरानी तेल आयात करता। अमेरिका द्वारा हाल ही में दी गई अस्थायी छूट के बाद भारतीय रिफाइनर इस संभावना पर विचार कर रहे थे।
गौरतलब है कि गुजरात के वाडिनार में Nayara Energy की बड़ी रिफाइनरी स्थित है, जहां इस तेल के पहुंचने की संभावना थी।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री व्यापार में इस तरह गंतव्य बदलना असामान्य नहीं है और यदि भुगतान से जुड़े मुद्दे सुलझ जाते हैं, तो यह खेप अब भी भारत आ सकती है।
🔍 पृष्ठभूमि
भारत ने 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद ईरानी तेल आयात बंद कर दिया था
2018 में भारत प्रतिदिन करीब 5.18 लाख बैरल ईरानी तेल आयात करता था
उस समय कुल आयात में ईरान की हिस्सेदारी लगभग 11.5% तक पहुंच गई थी
⚠️ मुख्य कारण
अमेरिकी प्रतिबंध
भुगतान प्रणाली (SWIFT) से ईरान की दूरी
व्यापारिक शर्तों में बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में तेल व्यापार सिर्फ लॉजिस्टिक्स नहीं, बल्कि वित्तीय और कूटनीतिक समीकरणों पर भी निर्भर हो गया है।

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