पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर छिड़ी बहस

ख्वाजा आसिफ के एक बयान ने पाकिस्तान में इतिहास, पहचान और सांस्कृतिक जड़ों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक इंटरव्यू के दौरान ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों, खासकर बच्चों को “गलत इतिहास” पढ़ाया गया है और उन्हें अपनी वास्तविक सांस्कृतिक जड़ों से दूर किया गया है।
उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तानी मुसलमान अपने हिंदू पूर्वजों से नफरत करते हैं। पाकिस्तान के आधे लोग यह दावा करते हैं कि उनके पूर्वज सऊदी अरब या ईरान से आए थे, जबकि ऐसा नहीं है।” आसिफ के अनुसार, यह सोच वर्षों से तैयार की गई ताकि नई पीढ़ी अपनी मूल सभ्यता और इतिहास से कट जाए।
रक्षा मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि दक्षिण एशिया के अधिकांश मुसलमानों की जड़ें इसी भूभाग से जुड़ी हैं और इतिहास को स्वीकार करने में संकोच नहीं होना चाहिए। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक सच्चाई स्वीकार करने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे विवादित और राजनीतिक रूप से संवेदनशील टिप्पणी करार दिया है।
पाकिस्तान में पहचान, इतिहास और धार्मिक विरासत को लेकर बहस पहले भी होती रही है, लेकिन किसी वरिष्ठ मंत्री द्वारा इस तरह का खुला बयान आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।