सीवर की खुदाई में निकला करोड़ों का सोना, मजदूरों की आंखें रह गईं खुली की खुली

बेल्जियम। बेल्जियम में सीवर लाइन बिछाने के लिए चल रही खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन के नीचे ऐसा खजाना मिला, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। खुदाई के दौरान सोने के सिक्के, सोने की ईंटें और अन्य सोने के टुकड़े बरामद हुए हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस खजाने की कीमत करीब 90 लाख यूरो यानी लगभग 95 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
यह हैरान कर देने वाली घटना बेल्जियम के सिंट-गिलिस-डेंडरमोंडे इलाके में हुई, जो ब्रसेल्स से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यहां एक पुरानी इमारत और पूर्व शराब की भट्ठी से जुड़े परिसर में नवीनीकरण का काम चल रहा था। इसी दौरान सीवर पाइप बिछाने के लिए मजदूर जमीन और तहखाने के आसपास खुदाई कर रहे थे।
पहले सिक्के समझे साधारण
खुदाई के दौरान मजदूरों को कुछ गोल आकार की धातु की वस्तुएं दिखाई दीं। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद ये सामान्य सिक्के हैं। लेकिन जब खुदाई आगे बढ़ी तो वहां सोने की ईंटें और बड़ी संख्या में सोने के सिक्के दिखाई देने लगे। इसके बाद मजदूरों को समझ आया कि वे किसी बेहद कीमती खजाने के ऊपर काम कर रहे थे।
इस खजाने में रिपोर्टों के मुताबिक 49 सोने की ईंटें और बड़ी संख्या में सोने के सिक्के शामिल हैं। कुछ सोने की ईंटों पर नंबर भी अंकित बताए गए हैं। पूरा खजाना सुरक्षित कर अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
33 साल के अनुभव में पहली बार ऐसा नजारा
साइट मैनेजर ने बताया कि निर्माण क्षेत्र में करीब 33 वर्षों के अपने करियर में उन्होंने कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था। वहीं, 18 वर्षीय छात्र मजदूर कोबे ने बताया कि शुरुआत में उसे लगा कि जमीन में एक यूरो के सिक्के पड़े हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद जब सोने की ईंट दिखाई दी तो सभी को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ।
पुरानी दीवार के पीछे छिपाया गया था खजाना
रिपोर्टों के अनुसार सोना एक पुराने तहखाने की दीवार के पीछे छिपाकर रखा गया था। यह संपत्ति 19वीं सदी के अंत में बनाई गई एक आलीशान इमारत से जुड़ी थी, जिसके मालिक एक पुराने शराब कारोबारी परिवार से संबंधित थे। माना जा रहा है कि खजाना कई दशकों से वहां छिपा हुआ था, लेकिन यह किसने और क्यों छिपाया था, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने कब्जे में लिया खजाना
खजाना मिलने के बाद मजदूरों ने इसे अपने पास रखने के बजाय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारियों ने मौके को सुरक्षित कर पूरा सोना अपने कब्जे में ले लिया। अब जांच की जा रही है कि यह संपत्ति किसकी थी और सोना वहां कैसे पहुंचा।
सबसे बड़ा सवाल अब खजाने के असली मालिक का है। यदि कोई व्यक्ति या परिवार इसके वैध स्वामित्व का दावा करता है तो उसे कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। फिलहाल खजाने की कीमत करीब 9 मिलियन यूरो आंकी गई है और अंतिम मूल्यांकन तथा स्वामित्व का फैसला जांच के बाद होगा।
एक सामान्य सीवर खुदाई ने मजदूरों को ऐसा खजाना दिखा दिया, जिसकी कीमत करीब 95 करोड़ रुपये बताई जा रही है। अब जांच एजेंसियां इस रहस्यमयी सोने के खजाने के इतिहास और उसके असली मालिक का पता लगाने में जुटी हैं।