यूपी संस्कृत बोर्ड के टॉपर रजनीश यादव की डिग्रियां निरस्त, सम्मान में मिले एक लाख रुपये और टैबलेट भी होगा जब्त

फर्जी शैक्षणिक अभिलेखों के मामले में कार्रवाई, नाम और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा देने का आरोप
लखनऊ। यूपी संस्कृत बोर्ड 2026 के कक्षा 12वीं के टॉपर रजनीश यादव की डिग्रियां फर्जी शैक्षणिक अभिलेखों के मामले में निरस्त कर दी गई हैं। आरोप है कि रजनीश ने नाम और जन्मतिथि में बदलाव कर परीक्षा दी थी। मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ केस भी दर्ज किया है।
रजनीश यादव को परीक्षा में टॉप करने के बाद सरकार की ओर से सम्मानित किया गया था। उसे एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, टैबलेट और मेडल प्रदान किया गया था। अब डिग्रियां निरस्त होने के बाद सरकार द्वारा सम्मान के तौर पर दी गई पुरस्कार राशि और अन्य सामग्री की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में फर्जी शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर परीक्षा देने के आरोपों की जांच के बाद यह कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने भी प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टॉपर की डिग्रियां निरस्त होने और सम्मान में मिली सुविधाओं की वसूली की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में भी हड़कंप मचा है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और संबंधित अभिलेखों के आधार पर की जाएगी।