बर्खास्त सिपाही की खौफनाक साजिश, बुजुर्ग को जिंदा जलाकर खुद को बताया मृत

हाथरस (यूपी): एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस से बचने के लिए एक बर्खास्त सिपाही ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं।
मूल रूप से मैनपुरी जिले के बघोनी गांव निवासी सिपाही रामवीर सिंह को आपराधिक गतिविधियों के चलते वर्ष 2013 में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। उसके खिलाफ प्रदेश के कई जिलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज थे और पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी।
👉 खुद को मृत दिखाने के लिए रची खौफनाक साजिश
गिरफ्तारी से बचने के लिए रामवीर सिंह ने एक सनसनीखेज प्लान बनाया। उसने रेलवे किनारे भीख मांगकर गुजर-बसर करने वाले एक बुजुर्ग को अगवा किया। इसके बाद अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड उस बुजुर्ग के पास रख दिए और उसे जंगल में ले जाकर जिंदा जला दिया।
👉 पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
जब पुलिस को जली हुई लाश के पास से आधार और पैन कार्ड मिले, तो शुरुआती जांच में यही माना गया कि रामवीर सिंह की मौत हो चुकी है। लेकिन इस पूरी साजिश में एक मोड़ तब आया जब खुलासा हुआ कि आग लगाते समय खुद रामवीर भी झुलस गया था और एक अस्पताल में इलाज करा रहा था।
👉 अस्पताल से हुआ खुलासा और गिरफ्तारी
पुलिस की गहन जांच के बाद सच्चाई सामने आई कि रामवीर जिंदा है। इसके बाद पुलिस ने उसे अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने पुलिस से बचने के लिए यह साजिश रची थी।
👉 इलाके में सनसनी, पुलिस जांच जारी
इस वारदात के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।