लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जल्द बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना इसी सप्ताह जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार संगठन में नई नियुक्तियों और मंत्रिमंडल विस्तार को एक साथ अमल में लाया जा सकता है।
लखनऊ में हुई बैठकों के बाद दिल्ली में मंथन तेज हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी तथा महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने वरिष्ठ नेताओं नितिन नवीन और बीएल संतोष के साथ विस्तृत चर्चा की। माना जा रहा है कि रविवार या सोमवार तक मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। इसके बाद संगठन के नए पदाधिकारियों की सूची जारी की जा सकती है।
संगठन चुनाव के प्रेक्षक विनोद तावड़े ने लखनऊ में दो दिन चली बैठकों की रिपोर्ट गृह मंत्री अमित शाह को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि यूपी भाजपा संगठन की नई टीम लगभग तैयार है, जिसमें कई मौजूदा पदाधिकारियों की छुट्टी और नए चेहरों को मौका मिल सकता है। विशेष रूप से महामंत्री और उपाध्यक्ष पदों पर बदलाव की संभावना है, जबकि युवा मोर्चा को नया अध्यक्ष मिल सकता है।
इधर, प्रदेश सरकार नई तबादला नीति लागू करने की तैयारी में भी है। प्रस्तावित नीति के तहत पति-पत्नी को एक ही जिले में तैनाती देने पर जोर रहेगा। दिव्यांग कर्मियों को मनचाहे स्थान पर पोस्टिंग और स्थानांतरण से छूट देने का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा, एक जिले में तीन वर्ष और मंडल में सात वर्ष का कार्यकाल निर्धारित करने के साथ ही लंबे समय से एक ही पटल पर तैनात कर्मचारियों के तबादले अनिवार्य किए जा सकते हैं।