जौनपुर में भूमि पैमाइश के 1800 से अधिक मामले लंबित, प्रशासन ने दिखाई सख्ती


जौनपुर। जिले में भूमि पैमाइश और पत्थरगड्डी से जुड़े 1800 से अधिक लंबित मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में सभी लंबित मामलों का निस्तारण जून माह तक करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि भूमि पैमाइश में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तहसील स्तर पर मामलों के लंबित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद और मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं। धारा 24 के तहत हकबंदी और पैमाइश से जुड़े आवेदन लंबे समय से लंबित पड़े हैं।
मुख्य राजस्व अधिकारी Ajay Ambast ने बताया कि सभी तहसीलों को अभियान चलाकर लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मई और जून में खेत खाली रहने के कारण इस अवधि का उपयोग पैमाइश और पत्थरगड्डी के कार्यों को तेजी से पूरा करने में किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि अब भूमि पैमाइश के मामलों में किसी प्रकार की बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक सप्ताह लंबित मामलों की समीक्षा होगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि दोषी कर्मियों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तहसीलवार लंबित मामलों की बात करें तो मछलीशहर में 458, केराकत में 480, मड़ियाहूं में 400, बदलापुर में 350 और सदर तहसील में 139 आवेदन लंबित हैं। प्रशासन का कहना है कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को छोड़कर बाकी विवाद रहित आवेदनों का जल्द निस्तारण किया जाएगा।

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