कला, संस्कृति और संस्कारों का संगम बना संस्कार भारती की ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का समापन समारोह

जौनपुर। संस्कार भारती जौनपुर द्वारा आयोजित 20 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का भव्य समापन समारोह नगर स्थित होली चाइल्ड एकेडमी में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यशाला के दौरान बच्चों को चित्रकला, कथक, लोकगीत, नाट्य कला एवं कंटेम्प्रेरी डांस का प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं नटराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह रघुवंशी, संस्था संरक्षक रविन्द्र नाथ, काशी प्रांत महामंत्री सुजीत, काशी प्रांत कार्यकारिणी सदस्य ऋषि श्रीवास्तव, संस्था अध्यक्ष डॉ. ज्योति दास एवं महामंत्री अमित अंशु ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। इसके पश्चात संस्था सदस्यों ने ध्येय गीत प्रस्तुत किया।
चित्रकला प्रशिक्षक रविकांत जायसवाल एवं नवीन विश्वकर्मा ने बच्चों को वाटर कलर, पोस्टर कलर, एक्रिलिक कलर, स्टिल लाइफ तथा आर्ट एंड क्राफ्ट का प्रशिक्षण दिया। समापन समारोह में प्रतिभागियों द्वारा तैयार चित्रों एवं क्राफ्ट की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी अतिथियों एवं अभिभावकों ने सराहना की।
लोकगीत प्रशिक्षक ज्योति सिन्हा एवं उनके प्रशिक्षुओं ने लोकगीतों की मनोहारी प्रस्तुति दी। वहीं कंटेम्प्रेरी डांस प्रशिक्षक श्याम राव के निर्देशन में बच्चों ने “मां की ममता” एवं “भूत मंडली” नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। नाट्य प्रशिक्षक अवधेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रभावशाली नाट्य मंचन कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
कथक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वंदना, तिहाई ताल, हस्तक, नमस्कार, तोड़ा, चक्करदार तिहाई, “ऐ गिरिनंदिनी”, “महिषासुर मर्दिनी” तथा महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। तबले पर अवधेश यादव एवं हारमोनियम पर शिवा की संगत ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया।
मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (भू एवं राजस्व) अजय अम्बष्ट ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों का अधिकांश समय मोबाइल पर व्यतीत हो रहा है। ऐसे में इस प्रकार की कार्यशालाएं उनके सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने संस्कार भारती के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव, डॉ. क्षितिज शर्मा एवं डॉ. आलोक यादव ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करते हैं तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे होली चाइल्ड एकेडमी के संस्थापक डॉ. अशोक सिंह रघुवंशी ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, कला एवं संस्कारों के संरक्षण में संस्कार भारती के योगदान की सराहना की।
समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पर्यावरण विषयक पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यशाला में योगदान देने वाले सभी प्रशिक्षकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आलोक रंजन सिन्हा एवं मयंक नारायण ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संगीत नाटक अकादमी के सदस्य डॉ. गोपाल मिश्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अंत में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संस्था के महामंत्री अमित अंशु ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, अभिभावकों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।