बिना किताबों और अखबारों के चल रही लाइब्रेरियों पर प्रशासन का शिकंजा, अनैतिक गतिविधियों के आरोपों की जांच तेज
जौनपुर। शहर में संचालित कुछ तथाकथित लाइब्रेरियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई जांच और छापेमारी के दौरान ऐसी कई लाइब्रेरियां सामने आईं, जहां न तो पर्याप्त किताबें मिलीं और न ही अखबार या अध्ययन की अन्य आवश्यक सुविधाएं।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कुछ स्थानों का उपयोग अध्ययन केंद्र के बजाय अन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसी क्रम में पुलिस और प्रशासन ने कई लाइब्रेरियों, रेस्टोरेंट तथा अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ रेस्टोरेंट और होटल पहले से ही इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराते रहे हैं, जबकि अब कुछ लाइब्रेरियों पर भी इसी तरह की गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी भी संस्था या व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।