यूपी: Alam Badi Azmi का निधन, पूर्वांचल में शोक की लहर


आजमगढ़। निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Alam Badi Azmi का निधन हो गया। वे लगभग 92-93 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर मिलते ही आजमगढ़, मऊ समेत पूरे पूर्वांचल में शोक की लहर दौड़ गई।
सादगी और ईमानदारी के लिए पहचान रखने वाले आलम बदी आजमी को लोग “लालटेन वाले विधायक” के नाम से भी जानते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सादगी की मिसाल कायम की—न उनके पास सरकारी कार थी, न ही कोई बड़ा काफिला। वे अक्सर स्कूटर, बाइक या रोडवेज बस से ही यात्रा करते थे और आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाए रखते थे।
राजनीतिक जीवन में उन्हें कई बार मंत्री बनने का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने इसे विनम्रता से ठुकरा दिया। बताया जाता है कि Mulayam Singh Yadav और Akhilesh Yadav ने भी उन्हें मंत्री पद की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि मंत्री बनने से वे जनता से दूर हो जाएंगे।
आलम बदी आजमी ने 1996 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया और इसके बाद कई बार जनता का विश्वास जीतते रहे। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल की थी। अपने लंबे राजनीतिक सफर में उन्हें केवल एक बार 2007 में हार का सामना करना पड़ा।
16 मार्च 1936 को जन्मे आलम बदी आजमी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। उन्होंने अच्छी नौकरी छोड़कर समाजसेवा और राजनीति को अपना जीवन समर्पित किया। शिक्षा के प्रति उनके लगाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में वे 76 साल बाद गोरखपुर के अपने पुराने इंटर कॉलेज से हाईस्कूल प्रमाणपत्र लेने पहुंचे थे।
उनके परिवार में पत्नी कुदैशा खान और छह बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार गुरुवार शाम उन्हें आजमगढ़ में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
उनके निधन पर क्षेत्र के कई राजनीतिक, सामाजिक नेताओं और आम नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। आलम बदी आजमी के निधन को न सिर्फ निजामाबाद बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

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