संसद परिसर में नारेबाज़ी को लेकर सियासी घमासान, विपक्ष के निशाने पर प्रधानमंत्री
नई दिल्ली। देश की राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला तेज होता जा रहा है। जंतर-मंतर पर छात्रों द्वारा लगाए गए विवादित नारों के बाद अब संसद परिसर में भी प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाज़ी का मामला सामने आया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
बताया जा रहा है कि संसद सत्र के दौरान विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने परिसर में “गली-गली में शोर है…” जैसे नारे लगाए, जिसे लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस घटनाक्रम के बाद संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है।
इससे पहले जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भी कई विवादित नारे लगाए गए थे, जिस पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब संसद परिसर में इस तरह की नारेबाज़ी ने सियासी विवाद को और बढ़ा दिया है।
इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष
विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेर रहा है और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक सरकार फिलहाल इस मांग को मानने के पक्ष में नहीं दिख रही है।
सरकार का रुख स्पष्ट
सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री स्तर पर किसी भी मंत्री के इस्तीफे को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार का फोकस मौजूदा मुद्दों के समाधान पर है, न कि इस्तीफे की राजनीति पर।
संसद में हंगामे के आसार
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के आगामी सत्रों में भी हंगामे के आसार हैं। विपक्ष जहां इस मुद्दे को और जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष भी जवाबी रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।
👉 नजर बनी रहेगी: आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।