मानदेय रुका, ग्राम प्रधानों में नाराजगी तेज

लखनऊ, 27 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के बाद प्रशासक बनाए गए 57,694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों का मानदेय रुक जाने से असंतोष बढ़ गया है। प्रत्येक प्रधान को मिलने वाला ₹5,000 मासिक मानदेय और ₹10 लाख का कल्याण कोष अनुदान फिलहाल ठप बताया जा रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए पंचायती राज विभाग को पत्र भेजकर जल्द से जल्द सभी सुविधाएं बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इस पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो संगठन अगस्त के पहले सप्ताह में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
ग्राम प्रधानों का कहना है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो यह आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है।