सरकारी स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाने पर दो युवक गिरफ्तार, जेल भेजे जाने से मचा हंगामा
मेरठ। सरकारी स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना दो युवकों को भारी पड़ गया। सरधना क्षेत्र के कालंद गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का वीडियो बनाने के मामले में अधिवक्ता संयम पांचाल और अयान मिर्जा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं और अन्य लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
बताया गया कि दोनों ने स्कूल की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में स्कूल भवन की जर्जर हालत, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए गए थे। वीडियो में सरकारी किताबें भी एक कमरे में पड़ी दिखाई गईं, जिनमें कुछ किताबों के सीलन से खराब होने की बात कही गई।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने वीडियो को भ्रामक बताते हुए थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। विभाग का कहना था कि जिस भवन को वीडियो में दिखाया गया, उसे पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है और विद्यालय का संचालन दूसरे भवन में हो रहा है।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर शांति भंग में चालान किया। एसडीएम न्यायालय से तत्काल जमानत नहीं मिलने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बाद में दोनों को जमानत मिलने की जानकारी सामने आई।
कार्रवाई के विरोध में अधिवक्ताओं ने भी विरोध जताया। मंगलवार को सरधना में इस मामले को लेकर प्रदर्शन हुआ, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी संयम पांचाल और अयान मिर्जा को जेल भेजे जाने का विरोध किया।
इस मामले ने सरकारी स्कूलों की स्थिति, सोशल मीडिया पर सरकारी संस्थानों की कमियां उजागर करने और बिना अनुमति स्कूल परिसर में वीडियो बनाने के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि सरकारी स्कूल की अव्यवस्थाएं दिखाने पर जेल भेजने का यह उत्तर प्रदेश का पहला मामला है, क्योंकि ऐसी पुष्टि के लिए पूरे प्रदेश के पूर्व मामलों का व्यापक रिकॉर्ड जरूरी होगा।