विजन के साथ शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ें महाविद्यालय : कुलपति शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर, विद्यार्थियों की अभियानों में भागीदारी बढ़ाने के निर्देश

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार को राजकीय, अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों और प्रबंधकों की ऑनलाइन बैठक आयोजित हुई। कुलपति प्रो. आर.के. सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, संस्थागत विकास, शोध, नवाचार तथा विद्यार्थियों की राष्ट्रीय स्तर के अभियानों में सहभागिता बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि प्रत्येक महाविद्यालय अपनी क्षमताओं, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप स्पष्ट विजन निर्धारित कर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़े। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रवेश, शोध, नवाचार और रैंकिंग को लेकर महाविद्यालयों की भावी कार्ययोजनाओं पर प्राचार्यों से संवाद किया तथा उनके सुझाव भी लिए।
बैठक में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘सेवा रंग’ और ‘इनोवेशन चैलेंज’ जैसे कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत आगामी 100 सप्ताह तक महाविद्यालयों में नशामुक्ति, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी थीम आधारित गतिविधियां आयोजित करने को कहा गया।
युवाओं में नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग’ क्विज को मिशन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके लिए ‘माई भारत’ पोर्टल पर अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
इससे पूर्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं अभियान संयोजक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने अभियान से जुड़ी गतिविधियों की नियमित रिपोर्टिंग पर जोर दिया।
बैठक में कुलसचिव विनोद कुमार सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव समेत विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंधक उपस्थित रहे।