विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित हुए विविध कार्यक्रम फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग : डॉ. नृपेन्द्र सिंह

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में शुक्रवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना’ को केंद्र में रखते हुए विभिन्न जागरूकतापरक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह एवं प्रो. नरेन्द्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान रंगोली, पोस्टर प्रस्तुति और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। दवाओं के तर्कसंगत एवं उचित उपयोग के साथ मरीजों को सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से दवा सेवन की जानकारी देना फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रो. नरेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और व्यावसायिक कौशल का उपयोग समाज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में करना चाहिए। उन्होंने एंटीबायोटिक प्रतिरोध के बढ़ते खतरे पर चिंता जताते हुए इसके अनावश्यक और गलत उपयोग से बचने पर जोर दिया।
डॉ. विजय बहादुर मौर्य ने कहा कि बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप फार्मासिस्टों का ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक क्षमता के स्तर पर सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने तथा अपने ज्ञान और कौशल में वृद्धि करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती पूजा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. सुरेंद्र कुमार गौतम, अभिषेक कुमार यादव, शक्ति जायसवाल, हेमन्त दूबे एवं प्रशांत यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।