⚖️ हत्याकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास सराफा व्यवसायी की हत्या मामले में कोर्ट का सख्त फैसला

जौनपुर।
जिले की एक अदालत ने सराफा व्यवसायी रविंद्र मौर्य की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने दोषी संध्या मौर्या, भैयालाल और सूरज कुमार को उम्रकैद की सजा दी।
साथ ही साक्ष्य छिपाने के आरोप में प्रत्येक पर 35-35 हजार रुपये, कुल 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पायल खरीदने के बहाने बुलाकर की गई हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हैदरपुर निवासी रविंद्र मौर्य फेरी लगाकर जेवर बेचने का काम करते थे।
18 अगस्त 2020 को रामपुर डेरवा निवासी संध्या मौर्या ने पायल खरीदने के बहाने उन्हें अपने घर बुलाया था।
जब रविंद्र रात भर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
नाली से खून बहने पर हुआ शक
परिजन जब संध्या के घर पहुंचे तो वहां की नाली से खून बहता देख उन्हें शक हुआ।
खून के निशानों का पीछा करते हुए वे पास के एक कुएं तक पहुंचे, जहां रविंद्र का शव बरामद हुआ।
पुलिस जांच में सामने आए ठोस सबूत
विवेचना के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड, मृतक की साइकिल और लूटे गए चांदी के जेवर बरामद किए गए।
ठोस साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद अदालत ने तीनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया।
👉 निष्कर्ष:
यह फैसला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में कानून का शिकंजा आखिरकार दोषियों तक पहुंचता है और न्याय मिलने में भले समय लगे, लेकिन सजा तय होती है।