मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की चर्चित प्रेम कहानी, प्रतीक यादव के निधन के बाद फिर चर्चा में

Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav के निधन के बाद एक बार फिर मुलायम सिंह यादव और Sadhana Gupta की चर्चित प्रेम कहानी सुर्खियों में आ गई है। प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे थे तथा राजनीति से दूर रहकर कारोबारी जीवन जी रहे थे।
प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया। वह Aparna Yadav के पति थे।
अस्सी के दशक में शुरू हुई थी कहानी
बताया जाता है कि अस्सी के दशक में मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की पहली मुलाकात हुई थी। उस समय मुलायम सिंह उत्तर प्रदेश की राजनीति में तेजी से उभर रहे थे, जबकि साधना गुप्ता समाजवादी विचारधारा से जुड़ी कार्यकर्ता थीं। दोनों के बीच नजदीकियां उस समय बढ़ीं जब मुलायम सिंह की मां मूर्ति देवी बीमार पड़ीं और साधना गुप्ता ने उनकी सेवा की।
कहा जाता है कि इसी दौरान मुलायम सिंह यादव साधना गुप्ता से प्रभावित हुए। हालांकि उस समय वह पहले से विवाहित थे और उनकी पहली पत्नी Malti Devi थीं, जिनसे Akhilesh Yadav का जन्म हुआ।
सालों तक छिपा रहा रिश्ता
राजनीतिक और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते मुलायम सिंह यादव ने लंबे समय तक साधना गुप्ता के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक नहीं किया। समाजवादी पार्टी के भीतर इस रिश्ते को लेकर चर्चाएं जरूर होती रहीं, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया।
साल 2003 में मालती देवी के निधन के बाद परिवार और राजनीति में समीकरण बदले। इसके बाद 2007 में एक अदालती हलफनामे के जरिए मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि साधना गुप्ता उनकी दूसरी पत्नी हैं और प्रतीक यादव उनके बेटे हैं।
राजनीति से दूर रहे प्रतीक यादव
प्रतीक यादव ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी और कारोबारी गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखा। वहीं उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने राजनीति में कदम रखा और बाद में भाजपा से जुड़ गईं।
जुलाई 2022 में साधना गुप्ता का निधन हुआ और कुछ महीनों बाद अक्टूबर 2022 में मुलायम सिंह यादव का भी देहांत हो गया। अब प्रतीक यादव के निधन के साथ सैफई परिवार के उस अध्याय की एक और महत्वपूर्ण कड़ी समाप्त हो गई, जो लंबे समय तक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय रही।