28 जून से शुरू होगा सघन पल्स पोलियो अभियान, 6 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक

जौनपुर। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सघन पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन को लेकर जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग कर अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ 28 जून 2026 (रविवार) को होगा। प्रथम दिन सभी पोलियो बूथों पर जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी। वहीं 5 जुलाई 2026 को बी-टीम गतिविधि संचालित की जाएगी।
अभियान के लिए जनपद में 1,866 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। घर-घर भ्रमण के लिए 1,242 टीमें, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर 105 ट्रांजिट टीमें तथा ईंट-भट्टों पर 52 विशेष टीमें तैनात की जाएंगी। इस अभियान के तहत 6,06,187 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने और 7,65,825 घरों का भ्रमण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अभियान को पूरी गंभीरता और सफलता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत राज विभाग, आईसीडीएस, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग तथा ग्राम प्रधानों से सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर अभियान से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जनपद का कोई भी शून्य से पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। साथ ही अभियान की नियमित निगरानी करने तथा अपंजीकृत अस्पतालों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधानों के सहयोग से टीबी के लक्षण वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार के लिए भेजने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों, एनसीसी शिविरों तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बदलापुर और बक्सा के एमओआईसी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए।