राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT जांच में कई गंभीर लापरवाहियों का खुलासा, निजी कर्मचारियों से कराई जा रही थी नोटों की गिनती


लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की राशि से जुड़े कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को प्रारंभिक पड़ताल में कई गंभीर लापरवाहियां मिली हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि दान राशि की गिनती का कार्य निजी एजेंसी के कर्मचारियों से कराया जा रहा था, जबकि उनकी नियुक्ति सिफारिश के आधार पर किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट की बैंकिंग व्यवस्था संभाल रही भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा नोटों को अलग करने, गड्डियां बनाने और गिनने का कार्य एक निजी सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा था। बताया गया कि वाराणसी की एक निजी एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसने स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की नियुक्ति की।
आने-जाने वालों की नहीं होती थी जांच
SIT जांच में यह भी सामने आया कि नोट गिनने वाले कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट के दौरान किसी प्रकार की प्रभावी जांच व्यवस्था नहीं थी। कर्मचारियों द्वारा क्या सामान अंदर लाया जा रहा है और क्या बाहर ले जाया जा रहा है, इसकी नियमित जांच नहीं की जाती थी। जांच में यह भी पाया गया कि कर्मचारी सामान्य कपड़ों में ही नोट गिनने के कार्य में लगे रहते थे।
ड्रेस कोड और CCTV निगरानी में भी मिली खामियां
जांच रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड बनाया गया था और उन्हें वर्दी भी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा था। वहीं CCTV निगरानी व्यवस्था के संचालन में भी गंभीर कमियां पाई गईं। SIT को संदेह है कि निगरानी प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
हाईकोर्ट में दायर हुई जनहित याचिका
इस बीच श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित गबन तथा वित्तीय अनियमितताओं की CBI जांच और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिका दायर की गई है। मामले की सुनवाई सोमवार को संभावित बताई जा रही है।
याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता मोहित अशोक शर्मा ने बताया कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और व्यापक जनहित से जुड़ा है, इसलिए इसकी शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया जाएगा।
जांच के दायरे में आए लोगों को अयोध्या छोड़ने पर रोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को SIT द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद जांच और तेज कर दी गई है। SIT ने जांच के दायरे में आए अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को बिना पूर्व सूचना अयोध्या छोड़ने से मना कर दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पूछताछ सुनिश्चित करने और जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
फिलहाल SIT मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

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