राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जांच में टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका पर सवाल, ट्रस्ट ने चंपत राय को दी क्लीन चिट


अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा (दान) चोरी मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच रिपोर्ट में प्रशासनिक खामियों के साथ कुछ व्यक्तियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। वहीं ट्रस्ट की ओर से पूर्व महासचिव चंपत राय को क्लीन चिट देते हुए उनके खिलाफ किसी प्रकार की जिम्मेदारी से इनकार किया गया है।
जांच के दौरान रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, टिन्नू यादव प्रारंभ में ट्रस्ट से ड्राइवर के रूप में जुड़ा था, लेकिन समय के साथ उसका प्रभाव बढ़ता गया। आरोप है कि उसे मंदिर परिसर में लगे दान पात्रों (हुंडियों) की चाबियां सौंपी गई थीं, जबकि इसके लिए कोई औपचारिक आदेश या जवाबदेही तय नहीं थी, जिसे जांच समिति ने गंभीर प्रशासनिक चूक माना है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि टिन्नू यादव ने अपने एक रिश्तेदार को गणना (काउंटिंग) कार्य में लगवाया, जिससे कथित तौर पर गड़बड़ी की संभावना बढ़ी। जांच एजेंसियां उसके आर्थिक नेटवर्क, बैंक खातों और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
वहीं, सुभाष श्रीवास्तव, जो गणना कक्ष के प्रभारी थे, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। रिपोर्ट के मुताबिक, गणना कक्ष में सुरक्षा मानकों का पालन प्रभावी ढंग से नहीं किया गया। कर्मचारियों की नियमित तलाशी, निगरानी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल में लापरवाही सामने आई है। समिति ने इसे गंभीर चूक मानते हुए उनके खिलाफ भी विवेचना की आवश्यकता जताई है।
जांच में सामने आई प्रमुख खामियां:
सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों द्वारा नोट छिपाने के कई मामले दिखे
प्रवेश और निकास पर प्रभावी तलाशी व्यवस्था का अभाव
निजी सामान पर नियंत्रण नहीं
गणना प्रक्रिया की उचित निगरानी नहीं
ट्रस्ट और बैंक के SOP का पालन नहीं
सीसीटीवी फुटेज सीमित अवधि (45 दिन) तक ही सुरक्षित रखी गई
ट्रस्ट का पक्ष:
हाल ही में हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया। ट्रस्ट प्रतिनिधियों ने कहा कि जांच में उनके खिलाफ कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि मंदिर में प्राप्त सोने-चांदी के दान सुरक्षित हैं और उनका पूरा लेखा-जोखा मौजूद है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

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