आगजनी के मामले में दो सगे भाइयों को 7 साल की सजा

जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) रुपाली सक्सेना की अदालत ने 12 वर्ष पुराने आगजनी के मामले में दो सगे भाइयों रामलोचन और रामजनम को दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह राशि वादी को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
यह मामला नेवढ़िया थाना क्षेत्र के जेठपुरा गांव का है। वादी दिल मोहन ने 1 दिसंबर 2014 को थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि शाम करीब 6 बजे जमीन के पुराने विवाद को लेकर आरोपियों रामलोचन, रामजनम और छोटेलाल ने उनके रिहायशी मड़हे में मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।
इस घटना में वादी का रजाई, गद्दा और चारपाई जलकर नष्ट हो गए थे, वहीं दो गर्भवती भैंसों की झुलसने से मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले की गहन विवेचना करते हुए साक्ष्य एकत्र कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद रामलोचन और रामजनम को दोषी ठहराया। सुनवाई के दौरान इस मामले के एक अन्य आरोपी छोटेलाल की मृत्यु हो चुकी थी।