जैन मुनि ने सरकार से पूछा सवाल—‘सबका साथ, सबका विकास’ में सवर्ण और जैन कहां?
जैन मुनि जी ने सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ नारे को लेकर सवाल उठाते हुए सवर्ण और जैन समाज की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों का साथ लेकर विकास करना है, तो सवर्ण और जैन समाज के विकास के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जैन मुनि ने कहा कि क्या सवर्ण और जैन समाज की भूमिका केवल टैक्स देने तक सीमित रह गई है? उन्होंने सवाल किया कि इन वर्गों के विकास और उनके हितों की चर्चा कहां होती है?
उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति में सवर्ण और जैन समाज के लिए विकास, रोजगार, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में क्या योजनाएं और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जैन मुनि के इस सवाल के बाद सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।