मेरठ में युवक की संदिग्ध मौत हत्या के मुकदमे में बदली पत्नी और कथित प्रेमी पर हत्या का आरोप, कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी
मेरठ। लोहियानगर थाना क्षेत्र के फतेहउल्लापुर निवासी 30 वर्षीय राजमिस्त्री तालिब की 28 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब हत्या के मुकदमे में बदल गया है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने उसकी पत्नी इल्मा और अमन नामक ब्यूटी स्टूडियो संचालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
बताया गया कि तालिब की मौत के बाद उसकी पत्नी इल्मा ने परिजनों को मौत स्वाभाविक होने की बात बताई थी। इसके बाद परिजन शव को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र ले गए, जहां उसे दफना दिया गया।
तस्वीरों में गले पर निशान दिखने का दावा
मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले खींची गई तस्वीरों को दोबारा देखा। परिजनों का दावा है कि तस्वीरों में तालिब के गले पर संदिग्ध निशान दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की।
कपड़ों के बीच मिला मोबाइल, बातचीत की जांच
परिजनों के अनुसार, तालिब का मोबाइल फोन घटना के बाद नहीं मिल रहा था। तलाश के दौरान 2 अक्टूबर को मोबाइल कपड़ों के बीच मिला। परिजनों का दावा है कि मोबाइल में मौजूद बातचीत, कॉल डिटेल और वॉयस रिकॉर्डिंग से जुड़े तथ्यों के आधार पर उन्होंने पत्नी इल्मा और अमन के बीच कथित संबंध होने की आशंका जताई।
परिजनों ने दोनों पर मिलकर तालिब की हत्या करने का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से पुलिस को एक कथित वीडियो दिए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन दावों की वास्तविकता पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पत्नी और अमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा
मृतक के चचेरे भाई अकरम की तहरीर पर लोहियानगर पुलिस ने इल्मा और अमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले में मोबाइल समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
कब्र से शव निकालकर होगा पोस्टमार्टम
मामले में अब सबसे अहम कार्रवाई तालिब के शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की है। शव मुजफ्फरनगर में दफन है। मेरठ पुलिस ने शव को कब्र से निकलवाने के लिए संबंधित प्रशासन से अनुमति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।