नवरात्र में महिला सुरक्षा को लेकर जौनपुर पुलिस अलर्ट, पूजा पंडालों में लगी महिला चौपाल मिशन शक्ति-6 के तहत महिलाओं और बालिकाओं को किया जागरूक, हेल्पलाइन नंबरों व सुरक्षा योजनाओं की दी गई जानकारी

जौनपुर। शारदीय नवरात्र के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जौनपुर पुलिस सतर्क है। मिशन शक्ति-6 अभियान के तहत जिले के विभिन्न मंदिरों, धार्मिक स्थलों, पूजा पंडालों, मेलों और सार्वजनिक स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं, एंटी रोमियो स्क्वाड और पुलिस टीमों ने आयोजन स्थलों के आसपास चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
पुलिस टीमों ने सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से घूमने या खड़े रहने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ छेड़छाड़, अभद्र टिप्पणी और किसी भी प्रकार का उत्पीड़न नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई।
महिला चौपाल के जरिए सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
मिशन शक्ति-6 अभियान के अंतर्गत पूजा पंडालों और अन्य आयोजन स्थलों पर महिला चौपालों का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं और आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें किसी भी समस्या या अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
महिला चौपालों में पुलिस ने डायल-112, महिला हेल्पलाइन-1090, महिला सहायता हेल्पलाइन-181, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076, स्वास्थ्य सेवा-102 और एंबुलेंस सेवा-108 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं के बारे में बताया। इसके अलावा जनसुनवाई पोर्टल, स्थानीय थानों में संचालित महिला हेल्प डेस्क और वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। जागरूकता के उद्देश्य से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए।
पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि छेड़छाड़, अभद्रता या उत्पीड़न की किसी भी घटना को नजरअंदाज न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
त्योहार में शांति बनाए रखने की अपील
जौनपुर पुलिस ने पूजा पंडालों के आयोजकों और आमजन से नवरात्र के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।