साइबर ठगी से बचाव के लिए जौनपुर में मोबाइल जागरूकता वैन रवाना मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए किया जाएगा जागरूक

जौनपुर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा मजबूत करने और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जौनपुर पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोबाइल प्रदर्शनी एवं जन-जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान का संदेश है—‘जागरूक जौनपुर, सुरक्षित जौनपुर’।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर योगिता सिंह एवं क्षेत्राधिकारी शाहगंज ने जागरूकता वैन को रवाना किया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नगर सम्यक चौधरी समेत अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
गांव-गांव और प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर करेगी जागरूक
मोबाइल जागरूकता वैन विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देगी। इसमें फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, एपीके फाइल डाउनलोड करने, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाने, ऑनलाइन खरीदारी में धोखाधड़ी तथा निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करने जैसे मामलों के प्रति लोगों को सतर्क किया जाएगा।
पुलिस का जोर इस बात पर रहेगा कि लोग अनजान व्यक्तियों के झांसे में आने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में सतर्कता बरतें। डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति किया जाएगा जागरूक
अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को सोशल मीडिया पर निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करते समय सावधानी बरतने, गोपनीयता सेटिंग का सही इस्तेमाल करने तथा ऑनलाइन उत्पीड़न होने पर शिकायत दर्ज कराने के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
ओटीपी और यूपीआई पिन साझा न करने की अपील
जौनपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान स्रोत से मोबाइल एप या एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें। अधिक कमीशन या कम समय में ज्यादा धन कमाने का लालच देने वालों के कहने पर अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को लेन-देन के लिए उपलब्ध न कराएं।
पुलिस के अनुसार, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पीड़ितों को संबंधित मोबाइल नंबर, संदेश, चैट, स्क्रीनशॉट और बैंक लेन-देन का विवरण भी सुरक्षित रखना चाहिए, ताकि शिकायत की जांच में सहायता मिल सके।
पुलिस का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है। मोबाइल जागरूकता वैन इसी दिशा में आमजन तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
बाइट: आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, जौनपुर।