जौनपुर में चकबंदी की बड़ी उपलब्धि: दशकों से लंबित ग्रामों की प्रक्रिया हुई पूरी


जौनपुर में चकबंदी विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन और राजस्व विभाग के समन्वय से वर्षों से लंबित चकबंदी कार्य को वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरा कर लिया गया है।
जिलाधिकारी के अनुसार, ऐसे कई गांव जिनकी चकबंदी प्रक्रिया दशकों पहले शुरू हुई थी, उन्हें सतत निगरानी, अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयास और नियमित समीक्षा के चलते सफलतापूर्वक पूरा कर चकबंदी से मुक्त किया गया है।
इनमें प्रमुख रूप से—
ग्राम पौहा (1970) की चकबंदी 55 वर्ष बाद
ग्राम बेलछा (1979) की 46 वर्ष बाद
ग्राम सिहौली (1983) की 43 वर्ष बाद
ग्राम मैदासपट्टी (1980) की 46 वर्ष बाद
ग्राम कैलावर (1995) की 31 वर्ष बाद पूर्ण की गई
वहीं, नव अधिसूचित ग्रामों में भी तेजी से कार्य करते हुए ग्राम हरिबल्लभपुर की चकबंदी मात्र डेढ़ वर्ष में पूरी कर एक मिसाल पेश की गई है।
इसके अलावा पाली और सुरीश देहाती जैसे गांवों में, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य चल रहा है, वहां भी चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर स्थानीय समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया गया है।
जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन, अधिकारियों-कर्मचारियों के समर्पण और बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के सहयोग को दिया है। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से आमजन को बड़ी राहत मिली है।

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