बंगाल में अवैध घुसपैठ पर सख्ती! बॉर्डर चेकपोस्टों पर बढ़ी हलचल, ‘डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट’ नीति पर तेज हुई राजनीति

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कथित अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य के कई बॉर्डर चेकपोस्टों पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की खबरें सामने आ रही हैं।
उत्तरी 24 परगना के बशीरहाट इलाके स्थित हकीमपुर चेकपॉइंट पर कथित तौर पर बड़ी संख्या में लोग सीमा पार कर बांग्लादेश लौटने के लिए पहुंचे। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार की “पहचानो, हटाओ और वापस भेजो” नीति और होल्डिंग सेंटर बनाए जाने की चर्चाओं के बाद यह गतिविधियां बढ़ी हैं।
राज्य में होल्डिंग सेंटर बनाए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मालदा जिले में पहला होल्डिंग सेंटर शुरू होने की बात कही जा रही है, जहां संदिग्ध विदेशी नागरिकों को अस्थायी रूप से रखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार इन केंद्रों में दस्तावेजों की जांच, पहचान सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे ने नई बहस छेड़ दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में अवैध घुसपैठ और सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। वहीं विपक्ष और अन्य दल इस मुद्दे पर सरकार की नीतियों और कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इस बीच Suvendu Adhikari और भाजपा नेताओं के बयान भी चर्चा में हैं। भाजपा सांसद Khagen Murmu ने राज्य की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
फिलहाल सीमा क्षेत्रों और होल्डिंग सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है तथा प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।