जंतर-मंतर हिंसा: FRS से 2,500 आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान का दावा
नई दिल्ली। राजधानी के जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को हुई हिंसा के बाद लगाए गए फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के जरिए तीन दिनों के भीतर 2,500 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जिनका आपराधिक बैकग्राउंड रहा है।
पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर धारदार हथियारों से हमला भी किया गया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज, सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, प्रदर्शन में शामिल अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।