स्ट्रीट फाइटर हूं, एसी एक्टिविस्ट नहीं” — इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सोमवार को धर्मेंद्र प्रधान पहली बार संसद भवन पहुंचे। इस दौरान एनडीए सांसदों ने उनका स्वागत किया और उनके चेहरे पर आत्मविश्वास भरी मुस्कान दिखाई दी। एक सांसद ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब किसी मंत्री ने बिना किसी आरोप के स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है।
संसद के गलियारों में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उनसे मुलाकात कर सहानुभूति जताते हुए कहा, “इट हैपन्स।” इस पर प्रधान ने तुरंत जवाब दिया, “नथिंग हैपन्ड।” इसके बाद उन्होंने अपने तेवर स्पष्ट करते हुए कहा, “आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नॉट एन एसी रूम एक्टिविस्ट।” उनके इस बयान को राजनीतिक मजबूती और आत्मविश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस्तीफे के बाद भी पार्टी नेतृत्व ने प्रधान के प्रति अपना समर्थन बनाए रखा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं उनके आवास पहुंचे, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि यह इस्तीफा किसी कमजोरी का नहीं, बल्कि “राजनीतिक जवाबदेही” और “राष्ट्रहित” का प्रतीक है।
भविष्य की भूमिका पर नजर
धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा भाजपा के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा समेत कई राज्यों के चुनावों में उन्होंने प्रभारी के रूप में पार्टी की रणनीति को सफलतापूर्वक लागू किया है। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले समय में उन्हें पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है या आगामी विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी जा सकती है। उनके हालिया बयान और सक्रियता से यह संकेत मिलता है कि वे नई जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।