श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड की 21वीं बरसी आज

सुरक्षा कड़ी, पीड़ित परिवारों को अब भी न्याय व नौकरी का इंतजार
जौनपुर, 28 जुलाई। श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड की 21वीं बरसी मंगलवार को श्रद्धा और सतर्कता के बीच मनाई जा रही है। इस अवसर पर जौनपुर पुलिस एवं रेलवे प्रशासन ने जिले से गुजरने वाली सभी ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संदिग्ध व्यक्तियों और सामान की सघन जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब है कि 28 जुलाई 2005 को पटना से नई दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस में हरपालगंज (सिंगरामऊ) और कोइरीपुर रेलवे स्टेशन के बीच हरिहरपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास भीषण बम विस्फोट हुआ था। इस दर्दनाक हादसे में 14 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि लगभग 90 लोग घायल हुए थे। इस आतंकी घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने विभिन्न चरणों में चार आतंकवादियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। वर्ष 2016 में आलमगीर उर्फ रोनी और ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को फांसी की सजा दी गई, जबकि 3 जनवरी 2024 को नफीकुल विश्वास और हिलालुद्दीन को भी मृत्युदंड से दंडित किया गया। हालांकि इस मामले से जुड़े कुछ आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
हादसे के बाद तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने मृतकों के परिजनों को रेलवे में नौकरी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई परिवार आज भी उस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।
21वीं बरसी के मद्देनजर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर जिले के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा ट्रेनों, प्लेटफॉर्मों और यात्रियों के सामान की सघन जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।