मेरठ में 1.35 लाख रुपये रिश्वत लेते प्राचार्या गिरफ्तार बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप, एंटी करप्शन टीम ने ट्रैप लगाकर पकड़ा

मेरठ। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम ने मेरठ के परतापुर स्थित सहकारी डेरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की प्राचार्या वंदना सिंह को कथित तौर पर 1.35 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक फर्म के करीब 3.85 लाख रुपये के कैंटीन/मेंटेनेंस बिल का भुगतान कराने और टेंडर जारी रखने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।
जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता अमित सिवाच की फर्म का संस्थान में करीब 3.85 लाख रुपये का बिल लंबित था। आरोप है कि बिल भुगतान और टेंडर जारी रखने के लिए पहले 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। बाद में कथित तौर पर 1.35 लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच करते हुए ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत टीम ने कार्रवाई की और कथित रूप से रिश्वत की रकम लेते समय प्राचार्या वंदना सिंह को पकड़ लिया। टीम ने मौके से रकम बरामद किए जाने की भी जानकारी दी है।
कार्रवाई के बाद आरोपी प्राचार्या के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।